कृत्या प्रकाशन की  पुस्तकें
कृपया लिंक देखें

 

इस बार प्रिय कवि के इस पृष्ठ में किसी एक कवि को ना लेकर कुछ ऐसी कविताओं को लिया जा रहा है, जो कवि मात्र की रचनाएँ नहीं हैं, फिर कविता की दुनिया से सम्बन्धित हैं। जी मैं चाँद- सितारों वाली उस दुनिया से सम्बन्धित है, जो उनसे मुहब्बत तो उतनी करते हैं जितनी कि कवि, किन्तु उनका मकसद जिन्दगी और दुनिया से कुछ ज्यादा जुड़ा होता है। जी हाँ,  मैं वैज्ञानिकों की बात कर रही हूँ। जापान की स्पेस सेन्टर ने चाँद- सितारों के वैज्ञानिक अन्वेषण के साथ भावनाओं और कल्पनाओं को भी जोड़ा है। JAXA जापानी स्पेस सेन्टर ने एक ऐसा लिंक बनाया है, जिसमें एक समय के अन्तराल में अन्तरिक्ष को लेकर लिखी गईं कविता प्रकाशित होती हैं। इनका क्रम निश्चित है, एक बार पाँच पंक्तियाँ, दूसरी बार तीन पंक्तियाँ। इस तरह की क्रम कविताएँ ( Chain poems) दूसरी बार प्रकाशित हो रहीं हैं। इन कविताओं ने मुझे इसलिए भी आकर्षित किया कि ये कवियों ही नहीं , सेन्टर में काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा भी लिखी गई हैं। इस बार हम इन्हीं कविताओं का अनुवाद दे रहे हैं। इन कविताओं को मूल रूप में पढ़ने के लिए देखिए JAXA का लिंक -‌- http://iss.sfo.jaxa.jp/utiliz/renshi/index_e.html



1

मेरे भीतर एक सितारा था
पहले,जब मैंने चीजों के बारे में तकनीकि तरीके सोचना सीखा
मेरी पूरी देह तड़प उठी,कोई सन्देह नहीं,
यह वह सितारा था याद दिला रहा था मुझे चीजों के बारे में
उससे पहले,कि वे भीतर घुसें ये चीख उठा

Yasunori Matogawa (Director, JAXA Space Education Center)
2

जल थरथराता है सितारे में
जल थामती है रोशनी
रोशनी मानव दिल हैं।

Makoto Ooka (poet)
3
अफसर का सितारा सिपाही की कमीज पर, सितारे चमकते ध्वज पर
सितारे जताते है , होटलों का स्तर क्रम,या फिर
जब कोई पूरी तरह कामिक की किताब में डूबा हो , सितारें उड़ते हैं
जमीन से जुड़े सितारे व्यस्त हैं,अन्तरिक्ष से काफी अलग
हर वक्त श्रेष्ठ स्टार बनने की होड़ में

Shuntaro Tanikawa (poet)
4

" star shaped" कहते ही वह शक्ल दिखती है
वे असली सितारों से कहीं अलग है
लेकिन शायद उन्ही के कारण हम संवेदनशील होते हैं "star sand" के प्रति

Shimako Hiraoka (company employee, age 34)
5

आकाशगंगा के मुकाबले समन्दर करीब है, समन्दर के मुकाबले नदी
नदी के मुकाबले तालाब मेरे शहर में, और इसमें तारो की रोशनी
रोशनी जो मेरा हिस्सा है
कोई फरक नहीं , मैं कहीं भी घूमू, कितने भी अंधेरे दिन हो चाहे
रोशनी मेरे लिए चमकती है

Tian Yuan (poet, China)
6

रोशनी का एक पथ मेरा अनुकरण करता है
हर कदम कई रोशनी वर्ष एक दूसरे के बाद
शायद मैं इस यात्रा के योग्य हूँ

Wry Welwood (Intensive Clinical Manager, age 55, USA)
7

धरती में लोहे का एक कण सो रहा था
जब दूर अनन्त से रोशनी की एक किरण आई
पुरातन पत्थर और भावी चमक एक बन गए
एक जिन्दगी जगी, सतरंगी दुनिया जगी
उस चमक में चमका अनन्तता की परछाई

Noriko Muna (Office worker, age 49, Saipan)
8

सूरज खुरच- खुरच कर फैंकता है उर्जा , सुनहरे कणों में
नक्षत्रों -ग्रहों की ओरः बस धरती ही जगाती है सुनहरे सपने
कीच में, फिर लौटा देती है सूरज काः अनन्तता की ओर

रति सक्सेना (कवि -भारत)
 

अनुवादः रति सक्सेना
 

 


मेरी बात | समकालीन कविता | कविता के बारे में | मेरी पसन्द | कवि अग्रज
हमसे मिलिए | पुराने अंक | रचनाएँ भेजिए | पत्र लिखिए | मुख्य पृष्ठ