लिसा जरन Lisa Zaran


लिजा अमेरिकन कवयित्री हैं, अमेरिका में अरजोना में निवास करती हैं, उनके चार काव्य संग्रह हैं। देश विदेश की अनेक पत्रिकाओं में वे छपी
हैं। उनकी कविताओं में स्त्री मन को अलग तरीके से टटोला गया है।

चक्करघन्नियाँ

बूढ़ी औरत
नीन्द में
दुःस्वप्नों के चक्रव्यूह में
चकराने लगती है
चक्करघिन्नी की तरह

शायद वक्त कुछ
और नहीं
अपनाने का
तरीका है

सीधी- साधी बूढ़ी औरत
सोती है
सपन देखती है कि
उसकी झुर्रियाँ
मिट गई हैं

माडल की तरह
मुस्कराने की कोशिश में
बूढ़ी औरत के दाँत
दूर घूरने लगते हैं

उसके दिल का खालीपन
शैतान की तरह
चद्दर में लिपट
जाता है

वक्त का तम्बू
उसके ऊपर तन जाता है
मानो मैं कभी पैदा ही नहीं हुई
वह सोचने लगती है

रात की चित्रकारी
उसके सरल विचारों पर
एक बगीचा बना लेते हैं
चाँद उसके चेहरे पुनः
जन्मे यौवन को देखने
रुक जाता है

उसकी कोमल आत्मा
दूर होती जाती है

(दोनों कविताओं के अनुवाद‍- रति सक्सेना)
 


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