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मित्रों
! हम लोग चौथे कवितोत्सव कृत्या -2008 के काफी करीब पहुँच गए है।
अगले महिने 14 नवम्बर सें हम सब कविता के विविध रूप का आनन्द ले रहे
होंगे। अग्रिम कवितोंत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हमें
वैश्विक भाषा
वैविध्य के साथ-साथ भारत की अनेक भाषाओं के नामी गिरामी कवियों को
सुनने का मौका र्मिलेगा। इस बार अनेक बड़े नाम कृत्या के साथ जुड़े
हैं। विदेश से आने वाले कवियों की भी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अनेक भाषाओं की भागीदारी होगी। इसबार हमें मैंक्सिको, इतली,
फ्रांसिसी, जरमन आदि भाषाओं के साथी उजबेकिस्तान और इस्टोनियन जैसी
सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध भाषाओं की कविता का आस्वादन लेने का
मौका मिलेगा। साथ ही सूफी संगीत, और पंजाब के लोक कलाओं का आनन्द
भी लिया जा सकेगा। कविता के साथ एक चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की
जा रही है जो " क" नामक सांस्कृतिक एवं वैचारिक पत्रिका के
तत्वाधान में विशिष्ट रूप से युवा कलाकारों द्वारा आयोजित की जाएगी।
इस तरह एक सम्पूर्ण उत्सव की तैयारी की गई है।
हमें विश्वास है कि काव्य प्रेमियों को उच्च स्तर की कविता का
आस्वादन मिलेगा।
कृत्या
स्वैच्छिक संस्था है, जिसके पास मात्र मनोबल है, धनबल नहीं। लेकिन
हमारा विश्वास है किसी भी अच्छे कार्य के लिए मनोबल की प्रधानता
है, बाकी सारी शक्तियाँ उसके पीछे चली आती हैं। इस उत्सव का
उद्देश्य इस कठिन समय में अच्छी काव्य प्रवृतियों, सुष्ठु भावों
और सचेत विचारों को रेखांकित करना है। इस तरह के आयोजन समाज में एक
विशिष्ट आस्वादन को पुनर्स्थापित करेंगे, हमारा विश्वास है।
मित्रों ! आपको खुला निमंत्रण है कि आप इस उत्सव का आनन्द उठाए और
कला और कविता के द्वारा जीवन के नए आयामों से रूबरू हों।
अंक में अनेक भाषाओं की कविताओं को सम्मिलित कर रहे
हैं, आशा है आप इनका आनन्द लेंगे।
शुभकामनाओं सहित
रति सक्सेना
An
International Poetry festival -
Kritya2008
पत्र-संपादक
के नाम
kritya2007
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