कृत्या चार साल
पुरानी स्वयंसेवी संस्था है जो साहित्य और संस्कृति को समर्पित
है।
यह संस्था कृत्या के नाम से कविता पर केन्द्रित द्विभाषीय वेब
पत्रिका भी चलाती है।
इस संस्था का पंजीकरण
कला, शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में समन्वय स्थापित करते
वैश्विक सोच को जन सोच का आधार बनाना है।
कृत्या का उद्देश्य विदेशी कवियों को भारतीय संस्कृति,साहित्य
विशेष तौर पर कविता और सघन मानवीय विचारधारा से परिचित करवाना है।
साथ ही भारतीय पाठकों को वैश्विक धारा से परिचित करवाते रहना है।
कृत्या भाषा के
वैविध्य का सम्मान करते हुए पारस्परिक समन्वय पर जोर देती है। इसी
उद्देश्य से हम देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर वहाँ के साहित्य
एवं साहित्यकारो से परिचित होते हुए संस्कृति के करीब आने की कोशिश
करते हैं। दो वर्ष पहले हम जम्मू गए थे, अब पंजाब जा रहे हैं।
जिससे कृत्या ही नहीं, वरन् इस उत्सव के समस्त प्रतिभागी पंजाब की
गहन संस्कृति से रुबरू हो सकें।