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जान गुजलोस्क्वी ( John Guzlowski) की कविता
एक खत युद्ध के बाद-
प्रिय तेल्का, मेरी इकलौती बहन
जंग खत्म हो गई, लेकिन हम अब भी उसके परिणामों से जूझ रहे हैं।
हमारे पास खाने की मेज है लेकिन खाना नहीं, दर्द है लेकिन दवा
नहीं, लोहे के पलंग हैं, लेकिन बिछाने को पुआल नहीं है।
हर दिन मैं रात का इंतजार करती हूँ, जिससे इन चीजों के इंतजार से
बच सकूँ। लेकिन इससे मेरे सपनों में माँ आती है जो कपड़ों की धुलाई
के लिए चिल्ला रही है। और मुझे अपने कपड़े ठीक से ना धो पाने के लिए
फटकार रही है।
मैं उन्हें टब में इक्कट्ठा तो करती हूँ, किन्तु धोने की ताकत नहीं
बटोर पाती हूँ।
कभी मैं उन्हे पूरब की तरफ चेहरा किए हुए पतझड़ी जंगलों को देखते
हुए पाती हूँ। जहाँ पर अभी से बरफ पड़ने लगी है। यदि तुम पोलेण्ड आओ
और मेरे साथ गाँव चलों तो तुम उस कब्र को देख पाओगी जहाँ उसे,
गेन्जा और उसके बच्चे को पटक दिया गया था। वहाँ कोई तो जानता होगा
कि उन्हें कहाँ दफनाया गया। तब शायद माँ मेरे सपनों में आना बन्द
कर दे।
यदि तुम वसन्त में आओ तो मेरे लिए नीले रंग की एक पौशाक जरूर लाना,
नीले रंग पर फूल छपे हों जिसमें, जैसी कि हम जंग से पहले पहना करते
थे। गर्मियों के लिए एक नई पौशाक भी अच्छी रहेगी।
तुम्हारी प्यारी बहन
सोफिया
अनुवाद रति सक्सेना
इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।
क्रिस्टीना पिकोज (Christina Pacosz) की कविता
एक खत जो कभी भेजा नहीं गया
मैं समन्दर से कोई सौ किलोमीटर दूर त्रिकोण के कोण में रहती हूँ जो
युनाइटेड स्टेट के पश्चिमी किनारे पर है। मैंने नक्शे में देखा कि
तुम चारों तरफ से बन्द जमीन में रहते हो जो Gdynia और Gdansk के
बन्दरगाह से काफी दूर है।
इधर मै खरपतवार की खुशबू से जागती हूँ। कुछ दिनों से सूरज कोहरे से
लिपट कर रहा है। टेलीफोन के खम्भों के ऊपर कौए काँव काँव कर रहे
हैं। दुपहरी का पहला पहर है और गुलें हवा में खिलवाड़ करती हुई घर
की छत पर से उड़ती निकल रहीं हैं। कभी कभी सूरज ढ़लने के बाद रात
गहराने से पहले ओलम्पिक के पिछवाड़े से हेरोन (Heron) पंख फटकारते
हुए पश्चिम की ओर उड़ती हुई निकल जाती है।
यहाँ स्टार्क्स नहीं होती हैं,मेरी पक्षी वर्णन किताब कहती है कि
यह पुराने जमाने की प्रजाति है। तुम्हारी दुनिया, मेरे पिता की
दुनिया पचास वर्ष पहले का स्मरण रखती है। अभी हाल ही में मैने
नेशनल जाग्रफी की किताब में पढ़ा है कि स्टार्क लुप्त होने के कगार
पर है। क्या कभी तुमने सोचा कि क्या नहीं है?
मौसम कैसा है? पिछली जुलाई में मिले आण्टी के खत में मार्च के महिने
में बाढ़ और फसल के नष्ट होने के बारे में लिखा था , हमने उस खबर को
कई बार पढ़ा था, आखिर कार कुछ तो सूचना मिली। हालाँकि खत खुला आया
था।
मैं वह सब नहीं लिख पा रही हूँ, जो सोच रही हूँ क्योंकि जानती नहीं
कि क्या सच है, क्या नहीं। मैं खतों के माध्यम से रास्ता पकड़ लेती
हूँ, और कल्पना करने लगती हूँ मैं बसन्त से खराब हुई पहाड़ों के ऊपर
पुरानी बर्फ पर चल रही हूँ।
तुमने सर्दियों के लिए खाना जमा कर लिया ना? भंडार को प्याज और आलू
से भर लिया ना? लाल और सफेद दोनो तरह के ? बरनियों में kapusta भर
कर लटका लिया हैं ना। क्या अब भी तुम मीट के लिए लाइन में खड़ा होना
पड़ता है? अब लाइन लगती भी है कि नहीं? क्या अब कोई सुबह सुबह उठ के
नीले आसमान के नीचे धूप मे कुकुरमुत्ते फैलाता है? और फिर चूल्हे
के करीब रैक में रख कर सुखाता है? इन शब्दों के लिखे जाने तक,
जिन्हें तुम कभी भी नहीं देख पाओगे।
मैं कहना चाहती हूँ कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ, पर तुम
प्रश्नवाचक हो। एक पूरे साल जेल में रहने के बाद। वालेसा कहता है
कि मुझे सावधान रहना चाहिए। मुझे सोचने के लिए वक्त चाहिए।
मैं उससे सहमत हूँ, लेकिन मैं सब कुछ छोड़-छाड़ कर तुम्हारे दिल में
पहुँचना चाहती हूँ। भावों में बहना अच्छा लगता है, यदि इनका
तुम्हारे विरुद्ध उपयोग किया जाए तो।
पूरी जिन्दगी मैं तुम्हारी ओर झुकी रही। तुम ळुबलिन (Lublin) के
दक्षिण में हो, गेलिशिया (Galicia) से ज्यादा दूर नहीं, चेज तोचावा
(Czes-tochowa) से करी मील दूर पश्चिम में। मुझे मालूम है कि तुम
कहाँ हो, पर नहीं जानती कि वहाँ तक कैसे पहुँचे? नाम लेने में मन
को आराम मिलता है, पर इतना ही तो काफी नहीं।
मैं बचपन के दिनों की याद करते हुए उन खतों को याद करती हूँ जिनमें
विदेशी भाषा में कुछ लिखा था। उसका जवाब-अच्छे कच्छों का पेकेट ,
गरम जुराब, नायलोन, लिप्सटिक, टिन फूड, आदि। उस ने सीटी बजाई मानों
कि यह काम उसका हो। फिर उसने सफेद आटे की बोरी उन डिब्बों के चारो
तरफ लपेट दी, और पुराने कपड़े से खाल की तरह कस कर बाँध दिया। इसके
बाद सूजा लेकर अच्छी तरह से सी दिया आधी उंगली रहित अकड़े हाथों से
उसने स्याही की बोतल निकाली, जिसे उसने इसी काम के लिए सहेज कर रखा
था, फिर स्याही में निब डुबों कर तुम्हारा पता लिख दिया। सफेद पर
काले अक्षर, हर अक्षर ने जरूरत से ज्यादा समय लिया।
मुझे लगता है कि मैं अपने बारे में लिखाने की जगह उसके बारे॓ ज्यादा
लिखा रहीं हूँ, किन्तु उसका प्यार तुम्हारे और मेरे प्यार के आसमान
के बीच का पुल था। मैं और क्या कह सकती हूँ, मैं एक अधेड़ औरत, एक
लेखक, जैसा कि यहाँ जानी जाती हूँ, तुमसे मुहब्बत करती हूँ। पतझड़
करीब करीब खत्म हो गया, और तुम्हारी और मेरी दुनिया सर्दी के मौसम
में प्रवेश कर गई।
जब तुम बेहद अंधेरे में क्रिसमस में रोटी बाँटोगे, मैं तुम्हे याद
करूंगी।
अनुवाद रति सक्सेना
इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।
Maria Jastrzebska की कविता

जरा सोच कर देखो
जरा सोच कर देखो
हम यहाँ कैसे आ पहुँचे?
तुम सोचते हो कि
पीली पड़ती पत्ती के साथ
उड़कर आई?
क्या हम तुम्हारे शहरों में
या बस्तियों में
बरसात के साथ चू पड़े?
सोचो कैसे हुआ यह?
क्या तुम यह सोचते हो कि हम
लहरों पर चढ़ कर
कगारों की चट्टानों से जा टकराए?
या फिर उन बीजों से
जिन्हे तुम बो कर भूल चुके थे,
फूट कर धरती पर से
उग आए?
हम में हर को किसी ना किसी
कारण से आया है
अपने मन्त्रियों, सेना अधिकारियों
से पूछ कर देखो
पूछो उन से कि कौन से सन्धि पत्रों पर
उन्होंने हस्ताक्षर किए
पूछा उन्होंने हमें किस मौल लिया
पूछों कि उन्होंने कौन खेल हमसे किया?
या फिर तुम सोचते हो कि हम
आसमान से टपक पड़े
तभी तो अभी तक जल रहे हैं? अनुवाद रति सक्सेना
इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।
(Maria
Jastrzebska की अन्य कविता
)
Lisa L. Siedlarz
की कविता
सरल रास्ता
मैं ग्रेड स्कूल से गैल को खाने के लिए घर ले आई
काले चीतो का मतलब होता है अफ्रीका के जानवर
लेकिन बराम्दे में बन्दर और बैंगन, मेरे परिवार के
लिए एक बुरी खबर है, मेरा दिल धकधका रहा था
डैडी ने टी. वी से नजर उठा कर देखा
मैंने अपनी दोस्त का परिचय दिया
उनके चेहरे पर परछाई सी फैल गई
हालाँकि वे चुप थे, वैसे नहीं जैसे कि
उस दिन जब कि वे, बाबा और
चाचा डान
ने
हमारे पोलिश बस्ती के बाहर
उन लोगों को खदेड़ा था
वापिस जाओ, डायनों की औलादों!
फब्तियाँ, जलती लकड़ियाँ होती है
उजड्ड पोलकों
कों बस्ती से बाहर खदेड़ दिया
लेकिन अब भी कुछ रिश्तेदारों की नसो में नफरत का जहर है
लेकिन गैल ने तो मुझे कभी भी
मूर्ख नहीं कहा, हम दोनों ने कस के हाथ पकड़ लिए
जैसा कि हम रोड रोवर खेल खेलते हुए
किसी को भी भीतर नहीं आने दे रहे हैं।
अनुवाद रति सक्सेना
इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।
(
Lisa L. Siedlarz
की
अन्य कविता)
Lillian Vallee की कविता
Belle Isle (खूबसूरत द्वीप)
लोग मुझ पर दया दिखाते हैं
जब उन्हें पता चलता है कि
मैं डेट्रोइट में पली बढ़ी हूँ
कोलतार का जंगल
शहरी जंगल
विस्थापित गरीब
जब कि मैं देखती हूँ
बेले इसले
पानी के फौव्वारे
केसिनों की सीढ़ियाँ
कलात्मक घड़ी
पालतू जानवरों का अजायब घर
और पहली बरफ के स्वाद के लिए
बहन को पहले जाने की इजाजत
(और उसका फिसल जाना)
रविवार के दिन समुद्र तट
घर के बने हाट डाग
समन्दर की तरह दिखती
साफ नदी, इतनी नीली
इतनी मीठी कि अपने पाँव देख लो
गर्मियों में रविवार की सुबह
पेड़ों के झुरमुटों की
छँटाई से पहले
कम्बल के नीचे
बेलै इसले
Lillian Vallee ने करीब १३० से ज्यादा अनुवाद और कविताएँ तथा लेख
लिखे हैं। और ७० से ज्यादा लेख पढ़े हैं। वह पोलिश विस्थापित के रूप
में पली बढ़ीं।
अनुवाद रति सक्सेना
इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।
(Lillian Vallee की अन्य कविता)
Peter Burzynski
की कविता
लौटना
मै आखिरकार
घर लौट आया
पहली बार
मरते हुए
diaspora
का अन्त हुआ
एक घर तब तक
घर नहीं है
जब तक अपना खुद का
खून पसीना न लगे
चेहरे की तरह
बिना टूटा-फूटा
मैं लौट आया हूँ
भारी मन लिए
खाली जेब लिए
मैं अकेला घूम रहा हूँ
सुनसान पत्थरी गलियों में
सड़कों पर घूमना
मै
शायद ही भूला हूँ
लेकिन आज मैं
लौट आया हूँ
बूटो के तले
कब्र के पत्थर की तरह
भारी हो गए हैं
मैं बड़े चमकदार चूहे सा
महसूस कर रहा हूँ
लेकिन फिर भी
अभी लौट रहा हूँ
मैं अपने
Czarnolas.*
को लौट आया हूँ

Czarnolas.*
* (Kochanowski's home; a place synonymous with poetic
inspiration)
अनुवाद रति सक्सेना
इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।
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