Lillian Vallee
 


Lillian Vallee ने करीब १३० से ज्यादा अनुवाद और कविताएँ तथा लेख लिखे हैं। और ७० से ज्यादा लेख पढ़े हैं। वह पोलिश विस्थापित के रूप में पली बढ़ीं।
 

पुल

नीली डिट्रोइट नदी के ऊपर सफेद पुल पर
एक औरत मौत को झौंक दी गई
एक आदमी चिड़ कर पीछा कर रहा था
कि वह कार से जा टकराई
कोई नहीं बता सकता कि
वह आदमी उसकी सहायता के लिए
पीछे भागा था, या उसे घायल करने के लिए
उसे रोकना चाह रहा था, या धक्का देना

मैं फिर इसे देखना नहीं चाहती थी
इस तरह नहीं, हिचक थी
मैं उस पानी में जिन्दा खोपड़ी को
नहीं देखना चाहती थी, जिसमे में खेली थी

यह वही पुल था जिसे हम रविवार को पार करते थे
अपने पूरे बचपन में
कभी बस से तो कभी कार से
यह हमारे लिए छुटकारे का मार्ग था
जैसा कि उसके लिए
लेकिन हमारा प्रार्थना की ओर जाता था

कनेडा की तरफ मुँह की चट्टानों पर मछली पकड़ना
छोटे भाई बहन जो पकड़ नहीं पाते
के साथ छुप्पन छुप्पी खेलना

मेरे पास पिता की फोटो है
गाँव गँवार के, सजीले
लेकिन बिल्कुल पिछड़े हुए
और मेरी माँ, वह भी
बिखरे बाल, लाल होंठों को फैलाए हुए
एक गैंद को इस तरह पकड़े कि मानों
खेलने को तैयार हो

मैं फोटो मं से वह सब निकालना चाहती हूँ
जो कुछ जरूरी है, जूतों के बक्कल, Barrettes
मुचड़े कपड़े, कुछ गायब है. जंग के बाद की खुशी
वे ऐसा दिखावा कर रहे है मानो वे
छत्ते की मक्खियाँ नहीं हैं

कुछ नहीं काम आता, न ही बेप्टिज्म
सभाएँ, बेकरी, रोटी, छुट्टी
समुद्र तट में रविवार , घास के मैदान पर
धूल धक्कड़ से दूर, पिछवाड़े में
कबूतरों के पिंजड़े, टमाटर के पौधे
तब तक, जब तक वे छोड़ छाड़
किसी दूसरी निराशा को पकड़ लें

हो सकता है कि मैं अब समझती हूँ
जो मैं पहचान पाई, पुल क्यों
हर चीज लौटाता रहता है
मृतों के जैसे, जो तब तक नही जाते
जब तक तुम उन्हें डराओ नहीं
तुम्हे अपने में लपेट लेते हैं
तुम्हारे बाल काट डालते हैं
यह तब शुरु होता है
तो मौत छुटकारा बन जाती है
हड्डियों के सिमिट जाने से पहले
जैसा कि हम पुल पर
लान चेयर बिछा रहे हों

यहाँ शुरु होता है
लम्बा दुख
मन्द पतन
हवा में घुलना
 

अनुवाद रति सक्सेना

इन कविताओं के अनुवादों का बिना अनुमती के उपयोग करना मना है।


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