मैं कृत्या हूँ
कृत्या - मारक शब्द शक्ति,
कृत्या - जो केवल सच के साथ चलती हो,
कृत्या - जो पूरी तरह सही का साथ देती हो ।

 
 

कृत्या प्रकाशन की  पुस्तकें
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कृत्या2010 के अन्तिम दिवस की शाम, हम सब अजीब सी मनोस्थिति में है,

एक बेहद सशक्त काव्य पाठ की सुनहरी आभा के बीचोबीच में से गुजर चुके हैं,

मादक मोहात्मकता हमें बाँध रही है

यात्राएँ हमें अपने नीड़ की ओर ले चलने को तैयार हैं

अलग अलग भाषाएँ, अलग अलग अलग प्रान्त , देश के विभिन्न भोगोलिक कोण, लेकिन कृत्या ने हमें ऐसा जोड़ा कि मानो हम एक मुहल्ले के रहने वाले हैं.

इजराइल की दिति रोनेन इरान के बहजाद जरीनपुर के ऐन सामने बैठी बतिया रही हैं, मानों बचपन से बिछुड़े साथी हों, मैं कुछ देर तक उन्हे देखने के बाद सवाल उछालती हूँ, भाई और भी लोग हैं यहाँ इजराइल और इरान के अलावा,

नोर्वे के ब्रेयान मुस्कुरा कर जवाब देते हैं....जब तक पालिस्तान की समस्या का अन्त नहीं होता ये लोग यूँ बतियाते रहेंगे...

तिब्बती युवक तेनसिंग (Tenzin Tsundue), जो कि कार्यक्रम के आरंभ में एलान कर रहा था कि मैं भारतीय नहीं हूँ, तिब्बती हूँ..
रति सक्सेना

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बहुत समय पहले
न्यु यार्क में
मेरा एक दोस्त था
आइवरी कोट्स (पश्चिमी अफ्रीका )से
उसके पास बहुत सारे उपकरण थे
और बहुत कम पैसा
तो जब चीजें उस के हाथ से
बाहर हो जाती थी
वो अपना ड्रम लेता था
वो पसंद करता था

चिकाचिकादुम चिकादुम चिकादुम

Vicky Slavuski
*
गलियारे के अन्त में
एक आदमी मजबूती से
ट्रेडमिल पर चल रहा है
उसका घुरना तुम्हे डरा देता है
वह न तो तुम्हारे करीब आता है
और न ही तुम्हे छूता है
उसका सन्देह तुम्हारे इर्दगिर्द मंडराता है
घिसटता हुआ तुम्हारे करीब आता है
और तुम्हारे भीतर चीत्कार पैदा करता है
सिंगोनिया
*
आज़ादी पर नोट्स
जेल के संस्मरण
कॉलेज के दोस्तों की चिट्ठियाँ
ब्रेड के टुकड़े
और मैगी नूडल्ज़
सतह पर तिर आते हैं सहसा
मानो समृतिपटल पर कुछ भूली बिसरी यादें.

तीन यंत्रणा भरे महीने
मॉनसून के
सूई की नोक जैसे पत्तियों वाले चीड़वन
स्वच्छ धुला हुआ हिमालय
चमकता है शाम की धूप में.
Tenzin Tsundue

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आदमी की कोई ना कोई परम्परा होती है। वह उसी में जड़ों को जमाने की कोशिश करता है। यह क्रिया पीड़ा के वक्त भी जारी रहती है। और एक दरख्त की तरह अपनी जड़ों के द्वारा ही जीवन रस पाने की कोशिश करता है, अपने स्वभाव को आकार देता है। क्न्फ्यूशियस ने कहा है कि आदमी का सवभाव हमेशा एक सा होता है, जो अलग होता है वे हैं उसकी आदतें। और ये आदते ही उसकी पहचान बनाती हैं।
यानी की मातृभूमि आदमी की आत्मिक एवं मानसिक भावभूमि होती है। यही भाव भूमि तीव्र से तीव्रतम होती जाती है। नोस्टालजिया,( जिसका ग्रीक भाषा में शाब्दिक अर्थ है - अपने देश की पीड़ा की ओर लौटना)अपने देश और जड़ों की ओर लौटने की तीव्र इच्छा का नाम है, अपने देश, जगहों, बचपन की यादों से जुड़ी चीजों को देखने की इच्छा का नाम है जो बेहद तीव्र पीड़ा का कारण बन कर मौत का सबब भी बन जाती है।

नोस्टेल्जिया मोह और प्यार का दस्तावेज है। लैटिन कवि Sextus का कहना है कि . जब एक दूसरे से मोहब्बत करने वाले बिछुड़ते हैं तो मोहब्बत उनके बन्धन को और मजबूत कर देती है।
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Alicia Partnoy

आत्मवक्तव्य

उन्होने मेरे पाँवों के नीचे से
मेरे देश को खींच लिया
निष्कासन‍- यह नाम देकर
अचानक इस तरह
मेरे पैरों के नीचे की जमीन खींच ली
मेरे चारों ओर अब दूरियाँ ही दूरियाँ

लेकिन इस घटना से पहले
उन्होंने मेरी आजादी छीन ली थी
और फिर
साँस तक लेने के लिए हाँफती मैं
लोहे की सलाखों से घिरी थी

यह तब भी ठीक था,
उससे, जब कि उन्होंने
मुझसे मेरी बच्ची को छीन लिया था
उस दिन
सब कुछ , मेरा भविष्य तक , दूर चला गया

आप कह सकते हैं कि मेरी जिन्दगी में काफी कुछ घटा

फिर भी मैं उस दिन को याद करती हूँ
जब सेना ने मेरे देश को
सलाखों के पीछे ढकेल दिया था
लेकिन उस दिन मुझ में जबरदस्त ताकत आई
और डर चला गया

यही शुरुआत थी


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ओस्वाल्दो सौमा
मेरे पिता

मैं तड़प रहा था
आपको ले जाने को आपके पिता की कब्र पर
इस उम्मीद के साथ कि आप
इस जीवन में क्षमा कर देंगे
निस्संगता उनके जीवन की
जो छोड़ गया आपको
जो अब रहते हैं अकेले पोर्ट फादर में
मैं चाहता था कि आप छोड़ जाएं
बिना अपने उपर कोई भार महसूस किए
जिससे दूर तट पर
आपकी परेशानियां होगी न्यूनतम
और आप भूल सकेंगे अपने घाव इसके कारण।
तीन
अब आप शाति से रह सकते हैं
मेरे बूढे पिता बच्चे से
आपके पोते दोहिते
पहले ही आपके बारे में बात करते हैं
जैसे आप गए नहीं हो कहीं
अब भी तुम मौजूद हो
हमारे समय में
डरिए मत!
जैसे ही आप प्रकाश का रास्ता पार करेंगे
समय फिर से आपको ले जाएगा बचपन में
फिर आप बिछड़े सूरज से खेलोगे
मैं आपको गले लगाउंगा पिताजी!
जे मैं नहीं कर सका मेरे पिता को उनकी मौत पर
जो अब पोर्ट फादर में अकेले रहते हैं
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VOL - V/ PART IX

(जनवरी एवं फरवरी-  2010
)

संपादक :  रति सक्सेना


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