जर्मन कवि हेनरिख हायने की कविताएँ
रूसी से अनुवाद : अनिल जनविजय


बिछोह से पहले वे दोनों

बिछोह से पहले वे दोनों
ख़ूब उदास हैं औ' रोते हैं
हाथ पकड़ एक-दूजे का वे
आहें भर रहे होते हैं

लेकिन मैं और तू न रोए
जब समय वियोग का आया पास
पर दूर हुए एक दूजे से जब
रोए तब हम औ' रहे उदास
००


वहाँ ढोल ताशे बज रहे हैं

वहाँ ढोल-ताशे बज रहे हैं
हो रहा है नाच
यह विवाह है मेरी प्रिया का
दावत में गोश्त-माछ

पर यहाँ बादल फट रहे हैं
और आसमान रो रहा है
हवा भी उदास-उदास है
देखो, ये क्या हो रहा है
००
 

जैसा तूने किया मेरे साथ

जैसा तूने किया है, मेरी जान, मेरे साथ
दुनिया इसे कभी भी जान नहीं पाएगी
सिर्फ़ मछलियों को मैंने बताई है यह बात
भला, मछली यह रहस्य किसको सुनाएगी

प्रिया ! तेरे नाम पर लगे कोई धब्बा
पृथ्वी पर यह बात मैं सह नहीं पाऊँगा
लेकिन, जानम, तूने मुझे दिया है धक्का
यह जाकर रोज़-रोज़ मैं सागर को बताऊँगा
००


उन्होंने मेरे दिन सारे काले कर दिए
उन्होंने मेरे दिन सारे काले कर दिए,
कुछ नाराज़गी से, कुछ गुस्से से भर दिए,
कुछ ने किया मुझ से महाघातक प्रेम,
और कुछ ने निभाया दुश्मनी का नेम ।

मेरे भोजन औ' शराब में डाला उन्होंने ज़हर,
दिन-रात बरसाया मुझ पर अपना कहर,
कुछ ने किया मुझ से महाघातक प्रेम,
और कुछ ने निभाया दुश्मनी का नेम ।

लेकिन उस प्रिया ने, मुझे सबसे ज़्यादा तोड़ा,
आख़िरी पलों तक मुझे रस्सी-सा मरोड़ा,
दुश्मनी करती नहीं थी, पर मारती रही कोड़ा,
प्रेम उसे था नहीं, फिर भी ख़ूब निचोड़ा ।

रूसी भाषा से अनुवाद : अनिल जनविजय


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